Poetry

सीता उवाच

राम ! मैंने तुम्हारे साथ वनवास भोगा ,राज्य नही वह मेरा चुनाव था मै अशोक – वाटिका में रही पर्णकुटी में नही वह मेरी नियति थी किन्तु अग्निपरीक्षा देकर भी जो आज मुझे वनवास मिला है वह ना तो मेरा चुनाव है ना ही मेरी नियति वह मेरी सज़ा है […]

November 16, 2014 · 0 comments · Poetry

A Very Dark Day!

A Very Dark Day. A sunny day it was, bright & beautiful All seemed to be happy It was a clear blue sky The sun seemed to be smiling It was a very infectious smile All of us were soon in its clutches No one could even dream of A […]

November 16, 2014 · 2 comments · Poetry

The Wind Is Cold

In the long gone past, there was a time When the grass was green and rhythm divine, It felt so warm, though the wind was cold Lost in him, my memories unfold. I see the wind, I hear the silence, and I long for the times When solitude wasn’t a […]

November 16, 2014 · 2 comments · Poetry

कृषक का आक्रोश

प्रलय का प्रकोप प्रकृति की  देन है मगर कहाँ गया श्रम का कर मेरा ? धन धान्य से भरा है जब पालकों का गृह क्यों संकट मैं है घर मेरा ? जागृत जगत में सुप्त का अभिनय कौन निशित करता है संवाद मेरा ? हर ओर है जब प्रकाश  समृद्धि का क्यूँ […]

November 9, 2014 · 1 comment · Poetry

Obituary

The Dear Departed He called in the morn He was fine… The next news came he was gone My jolly brother, the parents’ joy Had left us all for his heavenly abode He was not sick, no signs he showed His heart was tired he did not know The shock […]

November 9, 2014 · 1 comment · Poetry

विडम्बना

राजनैतिक शिष्टाचार के विरुद्ध छुप कर धोखे से राजा  बाली का  संहार करते हैं मर्यादा के विपरीत प्रणय – निवेदिता नारी रूपवती राजकुमारी शूर्पणखा का अंग भंग कर ,उसके सौंदर्य पर प्रहार करते हैं महाज्ञानी,शूरवीर , अजेय रावण को पराजित करने के लिए युद्ध – नियमों का उल्लंघन कर नाभि […]

November 9, 2014 · 0 comments · Poetry

अहसान

दोस्त! इस मेहरबानी का शुक्रिया कि तुमने दिल बिना तोड़े  ही अहदे वफा तोड़ दिया ! मंज़िल पे नही ना सही आरजू को इक मुक़ाम तक पहुँचा के छोड़ दिया मेरी वफ़ाओं का सिला ना दे सके तो क्या ! मेरी तमन्नाओं को किस क़दर ख़ूबसूरत मोड़ दिया मेरे हमदम […]

November 2, 2014 · 0 comments · Poetry

आख़िरकार

आज का दिन खत्म हुआ इंतज़ार खत्म हुआ आज से आप पे भी ऐतबार खत्म हुआ दिल जहाँ डूबा वहीँ पर दर्द-ए-दिल भी डूब गया अब सुक़ून है हमे कि ये अज़ार खत्म हुआ क्यों यहां आये हो अब तुम लाश पे रोने के लिए बस ख़ुशी मनाओ तुम्हारा बीमार खत्म हुआ At Last The day is over my Wait for you is over […]

October 26, 2014 · 3 comments · Poetry

Why Divided

Why Divided Our country is India It is Hindustan We were born here Conquered and plundered aggressively Looted and devoured The spirit sustained Yogis, Rishis and spiritual leaders Nationalists and freedom fighters Rose like meteors Against the turbulent tides of invaders They did not die in vain The tricolor flies […]

October 26, 2014 · 0 comments · Poetry

हैरानी

वो बात जो न कभी थी न फिर कभी होगी उसपे सब कुछ लुटा दिया ये क्या किया हमने अश्कों से  इस  क़दर  नफरत  हैं  जिन्हे उनका दामन भिगो दिया ,ये क्या किया  हमने सिर्फ  पलभर  की  रौशनी  के  लिए अपने घर को जला दिया ये क्या किया हमने अपने […]

October 19, 2014 · 0 comments · Poetry