Poetry

संतों का संग

संतों का संग ही मोक्ष का कारण है।

संत वे हैं जिनके मन चंचलता से मुक्त हैँ ,

जो लोभ से मुक्त हैं, जिन्होंने इच्छा पर विजय प्राप्त की है,

जिन्होंने अपनी इंद्रियों और आंतरिक प्रकृति को

नियंत्रण में लाया है, जो भगवान के प्रति समर्पित हैं,

जिन्हें किसी चीज की लालसा नहीं है,

जो आनंद और दर्द मैं समान हैँ ,

जो आसक्ति से मुक्त हैं, जिनमें आत्म-संयम के गुण हैं,

और जो अपने रास्ते में आने वाली हर चीज से संतुष्ट हैं।  संत ही संसार के सच्चे हितैषी हैं।

संसार उन्हीं से चलता है।

 

                                                 ~ Sidharth Mishra

                                                    Sambalpur, India

One Comment

  1. very true, very touching true to life portrayal of those who devote their lives to the will of God with complete surrender
    thanks for this detailed life of an ascetic

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