Poetry

मौका

एक मौके की तलाश

ज़िन्दगी भर रहती है

मौका जब चाहत हक़ीक़त

बन आँखों के कोरों से निकल

ओस की बूंद सी, हथेली पर

मोती सी थिरकने को

आतुर रहे.

 

मौका जिसमें कोई सौदा

कोई कवायद, कोई धोखा

कोई ज़ख्म ना हो.

 

मौका जो नयी ऊँचाइयों तक

पहुंचने की सीढ़ी हो

जिसे बिना किसी शर्त

बिना किसी उलझन

निभाया जा सके

कमाया जा सके.

 

किसी दस्तूर

किसी बात का हवाला

देकर ना चुकाना पड़े

जिसका मोल.

 

मौका जो राह दिखाए

जो आँखों में

आंसू के बजाय

होंठो पर बेमतलब

की मुस्कराहट का

सबब बन जाए.

एक मौका, बस एक मौका.

 

 

                                                                   ~ Dr Shivangi Srivastava

                                                                     Motihari, India

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