संकल्प

यह देश का ग़ुस्सा महज़ बवाल नहीं है
यह क्रांति है, दूध में उबाल नहीं है
वादा है अपने आप से सवाल नहीं है
बुझ जाये हवा से ये वो मशाल नहीं है

अंधी ,पुरानी सोच का रुख मोड़ना होगा
बूढ़ी हुई तहज़ीब को अब छोड़ना होगा
कितना भी ज़ोर आज़माओ कल के अँधेरों
नई रौशनी के सामने दम तोड़ना होगा

हुजूम है, जुनून है, यह रंग लाएगा
सैलाब कोशिशों का है कुछ कर दिखायेगा
अब कोई गुनहगार बच के जा ना पायेगा
क़ानून से नहीं तो सज़ा हमसे पायेगा

सब ठीक हो जायेगा , हम चुप बैठ जायेंगे
दूरों तलक इस बात का खयाल नहीं है
यह देश का ग़ुस्सा महज़ बवाल नहीं है
यह क्रांति है दूध में उबाल नहीं है

   Resolve

It’s not mere trivia, it’s nation-wide anger
It’s a revolution,not just milk boiling over
It’s a promise to ourselves, not a question
It’s not the lamp that’ll extinguish by air

Must change direction of archaic & blind thinking
Must relinquish the old and feeble culture
Howsoever you may try old dark shadows
You’ll be eliminated by new light’s lustre

There is swarm, there is obsession
The flood of endeavour will show it’s colour
No criminal will ,now, be able to escape
If not law, by us he’ll be punished here

All will be well and we’ll just sit back
Do not even think about it ever
It’s a national rage not a trifle brawl
It’s a revolution, not just milk boiling over

                                                                   ~Sudha Dixit

                                                                              Bangalore, India

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