बयान – ए – हसरत

तन्हाइयों की धूप में साया है तेरी याद

में और तुझे भूल जाऊं किस तरह बता

चाहत से मेरी दर्द की खुशबू न आये क्यों

ये गुल तो मेरे अश्क़ों से  सिंच सिंच के है पला

तू मेरे अंधेरों से क्यों  घबरा  के चल दिया

तेरे लिए तो दिल मेरा बुझ  बुझ के है जला

नाकाम किसी इश्क़ का अंजाम है शबनम

ये अश्क़ आसमान की आँखों से है ढला

तेरे सबब बरबाद भी ,आबाद भी हैं हम

कैसे तुझे समझाएं ये दिल का मुआमला

दुनिया भी थी हमदर्द ,मेहरबाँ नसीब था

इक तूने ही होने न दिया कम ये फ़ासला

हमको तो गवारा न था मरना तेरे बग़ैर

तू मुझको ज़िंदगी में ही तन्हा किये चला

Translation

Your memory is the shade in my  sweltering  loneliness

How  should  I forget you, tell me !

My love has scent of pain, coz this flower has been

Nurtured  by  my  tears

How can  you  just  leave, for there is darkness inside me

For your sake I’ve kept my heart  ablaze  on and off

The dew drops, here are outcome of unrequited love

These  tears have  been shed through   the eyes of heaven

Due to you I flourish and get wrecked  at the same time

But  how  to  explain, this is  a  matter of  heart

The  world  was  kind, the  destiny was  caring

Only  you  couldn’t  bridge  the gap  between us

I wouldn’t  allow,  even  death, to  take me away from you

And  you, in my  life time, have   left  me  alone  !

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